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कोटा एरिया में स्थित रिसार्टों की होनी चाहिए जांच । कई अनैतिक कार्य होने की संभावना ।
कुरदर रिसार्ट का मामला गरम ही था उसी बीच अनाया रिसार्ट में मिले तीन मोटल्ड आउल ।

विभाग ने कहा रिसार्ट वालों ने खुद ही सूचना दी ।
दबंग न्यूज लाईव
सोमवार 06.04.2026
सोमवार 06.04.2026
बिलासपुर – बिलासपुर जिले का कोटा विकासखंड जंगलों से घिरा हुआ है ऐसे में यहां वन्य जीव और पक्षीयों की कई प्रजातियां देखने में आती है । अचानकमार टाईगर रिजर्व का बफर जोन भी यहीं से चालू होता है । ऐसे में वन्य जीव प्रेमियों के रूकने के लिए कोटा के आस पास कई रिसार्ट और ढाबे संचालित हैं ।
अभी हाल ही में कुरदर के एक रिसार्ट में हिरण का मांस पकाने का मामला सामने आया जिसके बाद वन विभाग ने यहां कार्यवाही करते हुए छह लोगों को जेल भेज दिया है और पके मांस को जांच के लिए लैब भेजा गया है ये जानने के लिए कि क्या ये वाकई हिरण का मांस है या किसी और का । इस घटना के बाद कल शाम को अनाया रिसार्ट से एक खबर सामने आई जिसके अनुसार वहां तीन उल्लू मिले जिसे देर रात वन विभाग कोटा के अधिकारी कर्मचारियों ने जंगल में रिलिज किया । विभाग के लोगों के लिए इतना ही काफी था कि रिसार्ट वालों ने उन्हें सूचना दी ।
वन विभाग इन सवालों के जवाब नहीं दे रहा है कि उल्लू को कब और कितने समय रिसार्ट वालों ने देखा ? कितने समय वन विभाग को इसकी जानकारी रिसार्ट वालों ने दी ? क्या रिसार्ट वालों ने उल्लूओं को पकड़ के या बांध के रखा था या उल्लू ऐसे ही खुले में बैठे थे ? विभाग ने क्या और कैसा पंचनामा बनाया ? विभाग ने सिर्फ इस बात पर पूरे मामले का पटाक्षेप कर लिया कि रिसार्ट वालों ने उन्हें ये जानकारी दी ।
उल्लुओं को रिलीज करने वालो से ये भी पता चला कि सभी उल्लू स्वस्थ थे और छोड़ने के बाद उड़ गए । मतलब जब वो स्वस्थ थे और उड़ सकते थे तो फिर रिसोर्ट से क्यो नही उड़े ? क्या वन विभाग का रास्ता देख रहे थे या रिसोर्ट वालो ने बांध के रखा था ।
अंदरूनी सूत्रों से ये भी जानकारी मिली है कि यहां कई बार मोर देखे गए हैं जिसके बारे में रिसार्ट वालों का कहना है कि ये उड़कर यहां आ जाते हैं । अब ऐसे कौन से मोर है पता नहीं जो जंगल छोड़कर रिसार्ट में आ जाते हैं बार बार ।
कोटा के आस पास लगभग दर्जनों रिसार्ट और ढाबे हैं जिनमें विभाग को लगातार सर्चिग करने की जरूरत है लेकिन वन विभाग शायद ही ऐसा करता होगा ।
कोटा क्षेत्र में अचानकमार टाईगर रिजर्व और वन विभाग को संयुक्त रूप से जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है । इसके लिए विभाग गांव के युवाओं और वन्य जीव प्रेमियों का एक संगठन बना सकती है जो लोगों को वन्य जीव की सुरक्षा के लिए जागरूक कर सकें ।



